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अघोषित ठेकेदार के भरोसे चल रहा निर्माण कार्य, जिम्मेदार मौन

शहडोल। ग्राम पंचायत में बनने वाली नाली अघोषित ठेकेदारों की अच्छी खासी कमाई का जरिया बन गया है। पंचायत के माध्यम से होने वाले निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। सरपंच-सचिव की मनमानी का आलम यह है कि कमीशन लेकर काम किसी को भी सौंप देते हैं, फिर चाहे वह नौसिखिया ठेकेदार हो या फिर कोई छुटभैया नेता ही क्यों न हो!

 4 लाख की लागत, गुणवत्ता शून्य 

ताज़ा मामला जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत करकटी का है, जहाँ करीब 4 लाख रुपये की लागत से बनाई जा रही नाली में अघोषित ठेकेदार द्वारा निर्धारित मानदंडों को दरकिनार कर घटिया स्तर का गुणवत्ताहीन निर्माण किया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मानें तो 120 मीटर लंबी बनने वाली नाली में जो सरिया (iron rods) बांधी गई है, वह निर्धारित मानकों के विपरीत बहुत ज्यादा अंतराल में लगाई गई है। ऐसे में आशंका है कि यह नाली समय से पहले ही टूट सकती है।

 "निर्माण कार्य भगवान भरोसे चल रहा है। जिम्मेदार अधिकारी कभी मौके पर नहीं आते।" — स्थानीय निवासी 

 सचिव को नहीं निर्माण की जानकारी 

हैरानी की बात यह है कि ग्राम पंचायत करकटी के सचिव खोजवा चर्मकार को निर्माण कार्य की जानकारी ही नहीं है, जो उनकी लापरवाही को दर्शाता है। यहां काम के दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता को परखने और देखने वाला कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी मौके पर उपस्थित नहीं रहता।

 कमीशन के दम पर घर बैठे मूल्यांकन 

यहाँ जो भी निर्माण कार्य चल रहा है, वह भगवान भरोसे ही हो रहा है। जिम्मेदार पंचायत कर्मी व इंजीनियर काम देखने मौके पर कभी नहीं आते। बीते वर्षों में ग्राम करकटी में जो भी निर्माण कार्य हुए हैं, उनकी हालत देखकर इस बात का अंदाज़ा आप स्वयं ही लगा सकते हैं। करीब दस लाख की लागत से एक साल पहले बनी बाउंड्रीवॉल समय से पहले टूटने लगी है, और कई जगह दरारें भी पड़ गई हैं। यह सब बिना किसी ठोस निगरानी के हो रहे कार्यों का ही परिणाम है।
 
 अधिकारियों ने नहीं दिया जवाब

इस संबंध में सोहागपुर एसडीओ शुभम शर्मा से फ़ोन पर संपर्क किया गया, लेकिन उनका कॉल रिसीव नहीं हुआ। अधिकारियों की यह चुप्पी और उदासीनता भ्रष्टाचार को और बढ़ावा दे रही है।

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